जो मुझे मिला है इतने ऊंचे ख्वाब देखना संभव नहीं था गमों के बादल छट गए खुशियों के फूल अब जिंदगी में खिलने लगे हैं हर बार टूटकर बिखर गया आपके झूठे वादों से रुख मोड़ लेना चाहता हूं अपने चाहत के रास्ते से जबसे रूबरू हुआ हूं आपके इरादों से तुम्हें अपने लफ्जो में सुधार लाने की जरूरत है हर वक्त फालतू की बकवास करते रहते हो आपसे इशारा मिल रहा है जिधर अपने चाहतों के नजारे हैं आज महसूस कर रहा हूं हर ख्वाब पूरे हो गए
Shandar shayari sangrah gorakhpur